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सुप्रीम कोर्ट का नया गणित : न भूतो न भविष्यति

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27 वर्ष , 32 वर्ष से ज्यादा बड़ी अवधि होती है।
है न नया गणित?

सन् 1984 में दिल्ली में सिखों के अफसोसनाक कत्लेआम के 32 साल बाद 2016 में श्री प्रमोद अस्थाना को इस मामले की जाँच करने के लिए नियुक्त किया गया ।

और 27 बरस पहले सन् 1990 में कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के ‘जीनोसाइड’ की जाँच सुप्रीम कोर्ट आगे इसलिए नहीं कर सकता क्योंकि 27 वर्ष के बाद सबूत जुटाना संभव नहीं।

आज सुप्रीम कोर्ट ने लगभग डेढ़ हजार विस्थापित कश्मीरी पंडितों के हत्यारों के खिलाफ नये सिरे से जाँच करने के लिए “रूट्स इन कश्मीर ” द्वारा पेश याचिका को यह कहकर खारिज किया।

ज्ञातव्य है कि आज तक विस्थापित कश्मीरी पंडितों के एक भी जिहादी हत्यारे के खिलाफ कोई कार्रवाई तो दूर, एक FIR ( प्राथमिकी) तक दर्ज न की गई।

हम होते कौन हैं!
अवांछित
वोटबैंक विहीन
भातीय नागरिक!
न कोई पाकिस्तान पीछे हमारे
न कोई चीन
न कोई अमेरिका
न हम आतंकवादी
न नक्सलवादी
न अलगाववादी
न हम तिरंगे को सरे -बाजार जलाने वाले
न कश्मीर को पाकिस्तान बनाने की तमन्ना वाले
न हम कश्मीर में ‘निजामे मुस्तफा’ बनाने वाले
न हम ‘इंडियन डाॅग्स गो बैक ‘ नारा बुलंद करने वाले
न हम ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे -इंशा अल्लाह इंशा अल्लाह ! ‘ वाले !

फिर हम कौन ?
ओ न्याय के देवताओ !
ओ जन गण मन अधिनायको !
ओ गांधी नेहरू रटने वालों !
ओ मार्क्स माओ लेनिन को जपने वालो !
ओ नमस्ते सदा वत्सले दुहराने वालों !
##

हम सच में
कीड़े मकौडे लोकतंत्र के !
प्रश्नासुर
कानी धर्म निरपेक्षता के
हमारी क्या औकात
कि न्याय माँगे
##

WE THINK AS IF WE WERE NOT BORN AT ALL

शायद हम हैं नहीं अस्तित्व में
शायद हम थे है नहीं कभी अस्तित्व में
इसलिए हम शायद
‘शायद मात्र’ भी नहीं
##

सुप्रीम कोर्ट के समादरणीय न्यायमूर्तियो ,
हमारे देवताओं !
MAY IT PLEASE YOUR HONOUR
आज कितने प्रसन्न हुए होंगे
कश्मीर में खुले घूम रहे
जेहादी हत्यारे
सहयोगी उनके
और उनके वे हमदर्द हमारे महान बुद्धिजीवी,महान लेखक, महान पत्रकार, महाकवि आदि ।
यह न्यायपालिका कितनी दयावान है !

आज तो 22 निर्दोष कश्मीरी पंडितों की हत्या करने के बाद आगे मृतकों की संख्या भूलने की बात स्वीकार करने वाला हत्यारा जेहादी बिटा कराटे आपकी सदाशयता के लिए निमाज़- ए-शुक्राना पढेगा-

या अल्लाह!
हिंदुस्तान कितना महान देश है!
फिर याद करते हुए हम शरणार्थियों को,
हंसेगा गीलानी,यासीन मलिक या उमर फारूख जैसा
एक एक अलगाववादी
आतंकवादी –

बोलो, कश्मीरी पंडितों !
भारत माता की जय !
BY MANI SHAW

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